जयपुर। परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर, ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों व निजी दलालों के ग्यारह ठिकानों पर रेड की। कार्रवाई में अवैध वसूली से जुड़े अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
एसीबी डीजीपी गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों और निजी दलालों की विभिन्न राजमार्गों से गुजरने वाले वाहनों से प्रति वाहन 600 से 1000 रुपए तक की अवैध वसूली की सूचना मिल रही थी। जांच में सामने आया कि ओवरलोड और कमियां पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई न करने के बदले यह राशि ली जा रही थी। सत्यापन के बाद एसीबी जयपुर के डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में 12 टीमों का गठन कर छापेमारी की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन से डिजिटल डेटा, सीसीटीवी डीवीआर और डायरी बरामद की गईं। होटल-ढाबों और निजी ठिकानों के माध्यम से अवैध वसूली किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं।
यूं चलता था खेल
एसीबी के अनुसार मोबाइल मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट और कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था के जरिए वाहन चालकों से एंट्री दिलाने के बाद संबंधित आरटीओ टीम को वाहन नंबर भेजे जाते थे जिससे रिश्वत का लेन-देन आसानी से हो सके। इस कार्रवाई में परिवहन निरीक्षक, उनके निजी सहायक, दलाल और ढाबा संचालकों सहित कुल 13 लोगों को अग्रिम कार्रवाई के लिए डिटेन किया गया है। जांच के दौरान 1.16 लाख रुपए नकद, 19 मोबाइल फोन, 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 संदिग्ध डायरियां जब्त की गई।
परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार: जयपुर सहित छह जिलों में 11 ठिकानों पर आकस्मिक छापे
