जयपुर। 1 फरवरी को India Budget 2024-25 पेश किया जा रहा है। इसके बाद Rajasthan Budget 2024-25 पेश किया जा रहा है। इस बार इंडिया बजट 2024-25 से राजस्थान को विशेष कृपा प्राप्त होने की संभावना है। ऐसा इसलिए कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार यानि भाजपा सरकार है। इस वजह से मोदी सरकारी की तरफ से भजन लाल सरकार (Bhajan Lal Sarkar) को विशेष पैकेज राजस्थान में विकास के लिए दिया जा सकता है। ऐसे में आइए इंडिया बजट 2024—25 व राजस्थान बजट 2024—25 से जुडे प्रमुख सवालों के जवाब
इंडिया का नया बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है। इस बार इंडिया बजट 2024—25 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) पेश कर रही हैं।
बजट धन (राजस्व) के आय और उसके व्यय की सूची को कहते हैं। व्यष्टि अर्थशास्त्र (macroeconomics) में अर्थसंकल्प एक महत्वपूर्ण अवधारणा (कांसेप्ट) है। Budget में देश की आय और व्यय का ब्यौरा पेश किया जाता है।
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भाजपा का बजट 2021-22 में कुल व्यय बजट अनुमान से 8.2% अधिक रहा है। बजट 2022-23 में प्राप्तियां (उधारियों के अतिरिक्त) 22,83,713 करोड़ रुपए की रही जो 2021-22 के संशोधित अनुमानों से 4.8% अधिक है।
भारत में कुल कर्ज चालू वित्त वर्ष 2023—24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 2.47 लाख करोड़ डॉलर (205 लाख करोड़ रुपये) हो गया था। इस आधार पर 140 करोड़ की आबादी वाले देश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन 1.46 लाख का कर्ज है।
भारत में उत्तर प्रदेश का बजट सबसे ज्यादा है। यूपी पर ही प्रति केंद्र सबसे अधिक उदार है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शासित राज्य को पिछले वित्तीय वर्ष, 2023-24 के लिए 1,83,237 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
राजस्थान का बजट 2023-24 के अनुसार राजस्व घाटा 24 हज़ार 895 करोड़ 67 लाख रुपए रहा। वर्ष 2023-24 का राजकोषीय घाटा 62 हज़ार 771 करोड़ 92 लाख जो GSDP का 98 प्रतिशत रहा। इस बजट में 19 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का ‘महंगाई राहत पैकेज’ की घोषणा की गई है।
बजट 2023-24 में कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 27.2 लाख करोड़ रुपये और 45 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान बताया गया था।
वर्ष 2020-21 में राजस्थान की जीएसडीपी (स्थिर मूल्यों पर) में 6.6% के संकुचन का अनुमान रहा। इस अवधि में देश की जीडीपी के 7.7% संकुचित होने का अनुमान रहा था। बजट 2020-21 में राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों ने क्रमशः 29%, 28% और 42% का योगदान दिया।
राष्ट्रपति के शासनाधीन राज्य का बजट लोक सभा में पेश किया जाता है। केन्द्र सरकार के बजट के संबंध में अपनाई गई प्रक्रिया ही राज्य के बजट के मामले में, अध्यक्ष द्वारा किए गए आवश्यक परिवर्तनों और हल्के परिवर्तनों के साथ अपनाई जाती है।
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RBI की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के बजट 2022-23 के दौरान राजस्थान का कर्ज बढ़कर 5,37,013 करोड़ हो गया है। यह एक साल पहले 4,58,089 करोड़ था। पंजाब के बाद राजस्थान प्रदेश देश में सबसे ज्यादा कर्ज में डूबा हुआ है।
राजस्थान सरकार पर कर्ज मार्च 2023 तक बढ़कर 5,31,050 करोड़ रुपये हो होने का अनुमान बताया गया था। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2023 तक के चार साल में प्रति व्यक्ति कर्ज का भार 20,481 रुपए से बढ़ गया है और अब राजस्थान में हर व्यक्ति पर 65,541.53 रुपए के कर्ज का बोझ है।
Budget 2023 पीएम किसान की रकम बढ़ने की उम्मीद लगाए किसानों को मायूसी हाथ लगी है। बजट में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के करोड़ों किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता राशि में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। पहले की तरह उन्हें सालाना 2000-2000 की तीन किस्तें ही मिलती रहेंगी।
रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे कर्जदार राज्य पंजाब है।
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