जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में राजीविका के माध्यम से महिलाएं प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है। राजीविका की प्रत्येक बहन पारिवारिक आय बढ़ाने में योगदान दे रही है और पूरे परिवार को आत्मनिर्भर बना रही है।
शर्मा शुक्रवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के निर्माण में भी आधी आबादी की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजीविका की लगभग 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है। इनमें से मिलेनियर दीदी भी बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों ने सिद्ध कर दिया है कि महिलाएं बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी हैं। साथ ही, महिलाओं ने ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी से भी मुक्ति पाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 51 लाख ग्रामीण परिवारों को 4 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
आजीविका संवर्धन के लिए 2 हजार करोड़ रुपए
शर्मा ने कहा कि राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि आजीविका संवर्धन हेतु प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन और गैर-कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साढ़े 3 हजार से अधिक उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। इनके माध्यम से लगभग 3 लाख परिवारों को कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों में जोड़ा गया है।
2.26 लाख महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना में देय राशि 1 लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए की है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपए किया गया है। इस योजना में लगभग 10 लाख गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मां वाउचर योजना से अब तक 2 लाख 26 हजार महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा का लाभ मिल चुका है।
बजट के लिए महिलाओं के सुझाव महत्वपूर्ण
सीएम ने कहा कि महिलाएं अपने घर का बजट तो तय करती ही हैं, राजस्थान के बजट में भी वे अमूल्य सुझाव दें। राजीविका महिलाएं स्वयं सहायता समूहों को और मजबूत बनाने, आजीविका के नए अवसर पैदा करने, उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, प्रशिक्षण और कौशल विकास से संबंधित राय दें। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, एसीएस ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया, स्टेट मिशन निदेशक स्वयं सहायता समूह नेहा गिरि भी उपस्थित रहे।
महिलाएं विकास की मुख्यधारा में जुड़कर हो रही सशक्त, परिवार को भी बना रही आत्मनिर्भर: भजनलाल शर्मा
राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बजट पूर्व संवाद 51 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े स्वयं सहायता समूहों से
