राज्य स्तरीय रोजगार मेला: चयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पांच साल में 4 लाख सरकारी एवं 6 लाख निजी रोजगार के अवसर सृजित करने की कड़ी में अब तक लगभग 92 हजार सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और 1.53 लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, निजी क्षेत्र में भी 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को कॉमर्स कॉलेज में राज्य स्तरीय रोजगार मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1893 में स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से कहा था ‘उठो, जागो और तब तक नहीं रूको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाएÓ। उन्होंने कहा था 21वीं सदी भारत की होगी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
राइजिंग राजस्थान से रोजगार सृजन : शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू किए गए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपए के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना से 4 लाख लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 410 रोजगार सहायता शिविरों का आयोजन कर 1 लाख 11 हजार से अधिक बेरोजगार अभ्यर्थियों का रोजगार के लिए चयन किया। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना से 4 लाख से अधिक युवा लाभान्वित हुए हैं, और 1 हजार 156 करोड़ की राशि बेरोजगारी भत्ते के रूप में वितरित की जा चुकी है। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनियां यहां के युवाओं को रोजगार का अवसर दे रही हैं। प्रदेश में रोजगार शिविरों के माध्यम से निजी क्षेत्र में युवाओं को नौकरी मिली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निजी कंपनी में रोजगार प्राप्त करने वाले चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार भी उपस्थित रहे।
सुशासन दिवस: राजस्थान को गुड गवर्नेन्स में रोल मॉडल बनाएं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि जनसेवा, नवाचार और जवाबदेहिता की कार्य-संस्कृति को आत्मसात करते हुए राजस्थान को गुड गवर्नेन्स में रोल मॉडल बनाने का आह्वान किया।
वे गुरुवार को एचसीएम रीपा में सुशासन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि सुशासन हमेशा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। हमारे यहां सुशासन को राम राज्य कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम राज्य के आदर्शों पर चलते हुए स्व. वाजपेयी ने शासन को सुशासन और स्वराज को सुराज में बदला। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों के विकास और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के जरिए देश के आर्थिक विकास को गति दी।
शर्मा ने कहा कि स्व. अटल की सुशासन की विरासत को पीएम नरेन्द्र मोदी ने आगे बढ़ाया और देश को सुशासन का रोल मॉडल बनाने पर कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के जीवन को सरल और सुगम बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी समस्या शिविरों और पंडित दीनदयाल अंत्योदय संबल पखवाड़े का सफल आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी के तहत विभिन्न गतिविधियों को लागू करने के लिए एचसीएम रीपा को राजस्थान के लिए नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है।
राजस्थान गतिशील, समावेशी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश की 7वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। विकसित राजस्थान के विजन के अनुरूप इसे हमने 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का पठन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में बहुआयामी पहुंच सुनिश्चित करते हुए आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के मानव संसाधन सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि मिशन कर्मयोगी लोकसेवा के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण है। इस दौरान दोनों उप मुख्यमंत्रियों के अलावा संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। सीएम ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाई।
