जयपुर। नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष प्रदेश के बीकानेर की विश्वविख्यात उस्ता कला को केन्द्र में रखकर तैयार की गई राजस्थान की झांकी का प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को आयोजित गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में राजस्थान की झांकी ने अपनी विशिष्ट शिल्पकला, सांस्कृतिक वैभव और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
झांकी के डिजाइनर एवं पर्यवेक्षक हर शिव कुमार शर्मा ने बताया कि कर्तव्य पथ पर शुक्रवार को राजस्थान मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श विषयक राजस्थान की झांकी के अग्र भाग में राजस्थान के प्रसिद्ध लोक वाद्य रावणहट्टा का वादन करते कलाकार की 180 डिग्री घूमती प्रतिमा प्रदर्शित की गई है। इसके दोनों ओर उस्ता कला से सजी सुराही, कुप्पी और दीपक आकर्षक फ्रेमों में लगाए गए हैं। झांकी का यह भाग लगभग 13 फीट ऊंचा है। पृष्ठभाग में विशाल ऊंट सवार की प्रतिमा राजस्थान की मरुस्थलीय संस्कृति एवं लोक जीवन का सशक्त प्रतीक है।
शर्मा ने बताया कि झांकी के चारों ओर गैर लोक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकारों ने राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि इस झांकी का निर्माण राज्य की उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता तथा उप सचिव अनुराधा गोगिया के मार्गदर्शन में किया गया है।
