जयपुर, मॉर्निंग न्यूज। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को सीएमओ में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की सम्पतियों एवं किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए विधेयक लाने, एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण तथा सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई नीतियों के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया को बताया कि ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टब्र्ड एरियाज बिल, 2026Ó के प्रारूप को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई।
क्या है अशांत क्षेत्र
ऐसे क्षेत्रों में दंगे, भीड़ द्वारा हिंसा से अशांति की परिस्थिति उत्पन्न होने पर उस क्षेत्र के स्थायी निवासियों को अपनी स्थायी सम्पतियां कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे क्षेत्र विशेष को अशांत क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना वहां अचल संपत्ति के हस्तांतरण को अमान्य एवं शून्य माना जाएगा। सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति से ही अचल संपत्ति का हस्तांतरण इच्छुक व्यक्तियों द्वारा किया जा सकेगा। विधेयक के इन प्रावधानों का उल्लंघन करने पर कारित अपराध गैर जमानती और संज्ञेय होगा जिसमें 3 वर्ष से 5 वर्ष तक कारावास और अर्थदण्ड की सजा देय होगी। पटेल ने बताया कि इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थाई निवासियों की सम्पत्तियों एवं उक्त सम्पत्तियों पर किरायेदारों के अधिकारों को संरक्षण प्रदान किया जा सकेगा।
राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी का अनुमोदन
प्रदेश में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी का अनुमोदन किया गया है। एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम के विकास पर केन्द्रित इस नीति के अंतर्गत प्रदेश में एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स क्षेत्र के विनिर्माण उद्यमों, उपकरण एवं घटक निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, प्रिसीजन इंजीनियरिंग इकाइयों और मेंटेंनेंस, रिपेयर एवं ओवहॉलिंग से जुड़ी इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत विनिर्माण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 50 करोड़ रुपए से 300 करोड़ रुपए तक अचल पूंजी निवेश को लार्ज, 300 करोड़ से 1 हजार करोड़ को मेगा और 1 हजार करोड़ से अधिक को अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं की श्रेणी में रखा जाएगा। सर्विस सेक्टर के लिए 25 करोड़ से 100 करोड़ रुपए तक अचल पूंजी निवेश वाली परियोजनाएं लार्ज, 100 करोड़ से 250 करोड़ रुपए तक मेगा और 250 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को अल्ट्रा मेगा की श्रेणी में रखा जाएगा।
राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 को मंजूरी
कैबिनेट द्वारा प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी अनुमोदित की गई है। इस नीति के तहत सेमीकंडक्टर पार्कों में अक्षय ऊर्जा, जल दक्षता, पुनर्चक्रण और सर्कुलर पहलों के माध्यम से ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अनुमोदित परियोजनाओं को आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। इनमें सात वर्षों तक विद्युत शुल्क से शत प्रतिशत छूट, स्टाम्प शुल्क भू-रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट तथा 25 प्रतिशत पुनर्भरण शामिल है।
आरपीएससी में उप सचिव पद पर पदोन्नति अनुपात में बदलाव
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि आरपीएससी में उप सचिव (परीक्षा), उप सचिव एवं परीक्षा नियन्त्रक के पदनाम को परिवर्तित कर उप सचिव किया जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (राजपत्रित स्टाफ) सेवा नियम एवं विनियम, 1991 में संशोधन किया जा रहा है।
ग्राम उत्थान शिविरों में होंगे 12 विभागों से जुड़े काम
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट, ग्राम-2026 का आयोजन करने के बारे में भी मंत्रिपरिषद में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। बसंत पंचमी के शुभ अवसर 23 जनवरी को प्रथम चरण की शुरूआत होगी, जिसमें 24, 25 व 31 जनवरी को शिविर आयोजित किए जाएंगे। दूसरे चरण में 1 फरवरी एवं 5 से 9 फरवरी तक इनका आयोजन होगा। शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सहित 12 विभाग भाग लेंगे।
इन पर भी हुआ निर्णय
बीकानेर तहसील के ग्राम लाखूसर में 72.06 हैक्टेयर भूमि एवं जैसलमेर जिले की उपनिवेशन तहसील रामगढ़ नं.2 के ग्राम रामगढ़ उत्तर में 745.41 हैक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजनाओं को सशर्त कीमतन आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है।
बसंत पंचमी पर मेगा पीटीएम में 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता का लक्ष्य
23 जनवरी को बसंत पंचमी पर प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में एक साथ मेगा पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता होगी, जो 31 अक्टूबर को आयोजित पिछले मेगा पीटीएम में निर्धारित 41 लाख के लक्ष्य से कहीं अधिक है। स्कूलों सरस्वती वंदना की जाएगी और कृष्ण भोग का आयोजन किया जाएगा। 23 जनवरी को ही प्रदेश के सभी पीईईओ एवं यूसीईईओ विद्यालयों में निपुण मेले का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, कक्षा 1 से 5 के लिए निपुण राजस्थान कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों की पठन, लेखन एवं गणना क्षमता को गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
दंगों के डर से अचल सम्पत्तियों के बेचान पर रखेगी सरकार नजर
कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय : एयरोस्पेस, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस इकाइयों को राजस्थान में मिलेंगी विशेष रियायतें
