कोटा। राजस्थान के रामगंज मंडी पिछले दो दिन से छोटा बागेश्वर धाम बना हुआ है क्योंकि यहां दो दिन से चल रही है बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री की श्री राम कथा।यह कथा श्री गौ माता महोत्सव के तहत रीको औद्योगिक क्षेत्र, फतेहपुर में आयोजित की जा रही है। आयोजन की खास बात यह है कि केवल राजस्थान से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। एयर, ट्रेन और सड़क, हर मार्ग भक्तों से भरा पड़ा है।
यह तीन दिवसीय श्री राम कथा शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी में आयोजित कराई गई है। जब दिलावर के प्लान बनाया होगा उस समय उनको भी अहसास नहीं होगा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में एक धार्मिक रिकॉर्ड बना जाएंगे। और ऐसा ही हुआ। वहां पहुंची श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं।
पहले दिन यानी 23 जनवरी को महात्मा कथा में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे स्वयं शामिल हुए और कथा के प्रवचनों तथा श्रद्धालुओं से भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस ऐतिहासिक श्रीराम कथा के लिये 100 बीघा द्वोत्र में डोमनुमा विराट पंडाल बनाया गया लेकिन पहले ही दिन पांडाल पूरा भर गया। हजारों भक्तों ने खुले मैदान में बैठकर प्रवचन सुने। आचार्य शास्त्री खुले वाहन में कथास्थल पर पहुंचे तो हजारों भक्तों ने जयकारे लगाकर उनका स्वागत किया। मंच पर आने से पहले आचार्य धीरेंद्र ने मंच के पीछे गाय और बछड़े का पूजन करके उसे गो ग्रास और हरा चारा खिलाया। उन्होने वाल्मीकि समाज के 20 लोगों से मुलाकात कर मंच पर उनका सम्मान किया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि बागेश्वरधाम के आचार्य विश्व के सनातन हिंदुओं को एकजुट करने जैसा सराहनीय कार्य कर रहे हैं। हिंदू समाज के सभी वर्गों में एकता और भाईचारा होगा तभी देश और समाज शक्तिशाली बनेगा।
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, चित्तौड़ से सांसद सीपी जोशी, विधायक बालमुकुंद आचार्य, भानपुरा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु ज्ञानानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश, धर्माचार्य निरंजन नाथ अवधूत महाराज, पूज्य साध्वी हेमा सरस्वती, मध्यप्रदेश के विधायक हरदीप सिंह, जिला कलेक्टर कोटा पीयूष सांवरिया, किशनगंज के पूर्व विधायक हेमराज मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि कथा पंडाल में उपस्थित रहे।
और शनिवार को दूसरे दिन, कथा का वातावरण और भी भक्तिमय रहा। दिव्य दरबार में लोगों की पर्चियां लगी और समस्याओं के समाधान भी हुए। दोपहर लगभग 4 बजे कथा स्थल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंचे पधारे। उनके स्वागत में मंच पर फूलमालाओं का वरदान और दीप प्रज्ज्वलन हुआ। मुख्यमंत्री ने आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि जहां हमारे बागेश्वर धाम महाराज पहुंच जाते हैं, वहां हमारी धरती पुण्य धरती बन जाती है। राम नाम का अमृत यहां पान करने से निश्चित रूप से हमारा बेड़ा पार हो जाएगा। राम नाम से बेड़ापार और जीवन की हर कठिनाई दूर होती है। आज यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामधुन और रामायण के प्रवचन सुन रहे हैं , यह श्रद्धा, यह भक्ति हमारे समाज और संस्कृति की असली शक्ति है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उपस्थित लोगों को रामधुन में शामिल होने का आवाह्न किया और कहा कि राम के आदर्श, राम के विचार और राम का जीवन चरित्र — ये सभी हमें जीवन की कठिनाइयों का सामना धैर्य, समर्पण और सत्य के साथ करना सिखाते हैं।
आज कथा के दूसरे दिन आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री ने रामचरितमानस और श्रीराम के जीवन से जुड़े ऐसे श्लोकों और कथाओं का वर्णन किया, जिससे हर भक्त के मन में प्रेम, करुणा और विश्वास की ज्योति और प्रबल हुई। शास्त्री जी ने बताया कि कैसे श्रीराम का जीवन हमें न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने की राह भी दिखाता है।
आज के दिन भी पहले ही दिन की तरह पंडाल लगभग खचाखच भरा हुआ था। भक्त रामधुन, भजन और आरती में खोए रहे। जहां एक ओर बच्चे अपने माता-पिता के हाथ थामे भजन गुनगुनाते दिखे, वहीं वृद्ध श्रद्धालु भाव-उपेक्षा में अटल साक्षी बनकर बैठे रहे। कभी भक्ति गीतों की गूंज वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देती थी, तो कभी आचार्य शांत वाणी में रामायण के श्लोकों का सुसंगत अर्थ समझाते दिखाई दिए।
बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में उमड़ा सैलाब
राम कथा के दूसरे दिन सीएम भजनलाल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा पहुंचे
