जयपुर। महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने एक दिन पहले कांग्रेस नेताओं को पत्र लिखकर कांग्रेस वापसी की घोषणा कर दी लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन्हें अटकलें बताते हुए सिरे से खारिज किया है। सोमवार को भाजपा मुख्यालय पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि न तो मालवीय ने उनसे इस तरह की कोई बात कही है और न ही पार्टी के पास ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी है। फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है, जैसा राजनीतिक गलियारों में चल रहा है।
राठौड़ ने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, न हमारे पास कोई सूचना है और न ही इस तरह की कोई चर्चा हुई है। उन्होंने यहां तक कहा कि वे खुद महेंद्रजीत सिंह मालवीय के संपर्क में हैं, यदि कोई छोटी-मोटी बात भी होती है तो पार्टी इसे सुलझा लेगी। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच संवाद से समाधान निकालना जानती है।
राठौड़ ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस मुख्यमंत्री ने संविधान की शपथ ली, वही मुख्यमंत्री खुद जाकर दस्तावेज गायब कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ढाई घंटे तक रुक कर किसी के घर से कागजात निकालती हैं और फिर कार्यालय जाकर फाइल कर्मचारियों को सौंपकर वहां से चली जाती हैं। राठौड़ ने सवाल उठाया कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस क्यों चुप है?
मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता वीबी जी राम जी को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। योजना में कोई खामी है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए, लेकिन कांग्रेस केवल आरोप लगाने का काम कर रही है। भाजपा ने भुगतान की गारंटी दी है, चाहे पैसा राज्य सरकार दे या केंद्र सरकार, जनता को उसका लाभ जरूर मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में योजनाओं का दुरुपयोग हुआ। उस समय सेठों और प्रभावशाली लोगों के नाम पर भी जॉब कार्ड बना दिए जाते थे, जिससे कांग्रेस नेताओं के लिए यह कमाई का जरिया बन गया था। अगर कांग्रेस को राम के नाम से एतराज है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, राम के नाम को लेकर विवाद खड़ा करना मुद्दाविहीन राजनीति का उदाहरण है।
