जिनके पास स्वयं की छत नहीं ऐसे उपभोक्ता भी ले सकेंगे सस्ती सौर ऊर्जा का लाभ
जयपुर। राजस्थान डिस्कॉम्स ने राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के समक्ष राज्य में वर्चुअल नेट मीटरिंग तथा ग्रुप नेट मीटरिंग की व्यवस्था लागू करने के लिए याचिका प्रस्तुत की थी, जिस पर बीते दिनों नियामक आयोग ने ग्रिड इंटरएक्टिव डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम्स तृतीय संशोधन विनियम-2025 अधिसूचित किए थे। डिस्कॉम्स ने मंगलवार को इसकी क्रियान्विति के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
गौरतलब है कि मॉर्निंग न्यूज ने इस खबर को सबसे पहले 26 नवम्बर 2025 के अंक में सौर ऊर्जा: पैनल खेत में लगाओ, फायदे घर के कनेक्शन पर पाओ शीर्षक से खबर ब्रेक की थी। इसके बाद 27 दिसम्बर 2025 के अंक में वर्चुअल और ग्रुप नेट मीटरिंग की फाइल एक माह से साइन के इंतजार में शीर्षक से खबर प्रकाशित कर डिस्कॉम को याद दिलाया था।
प्रदेश में वर्चुअल नेट मीटरिंग तथा ग्रुप नेट मीटरिंग की व्यवस्था को पहली बार लागू किया गया है। इसका सर्वाधिक लाभ प्रदेश के मल्टी स्टोरी तथा अपार्टमेंट में रह रहे लोगों, गांव-ढाणी में बसे लोगों, सरकारी एवं निजी कार्यालयों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा एक मेगावाट क्षमता तक विद्युत भार वाले वृहद उद्योगों एवं ऐसे अन्य उपभोक्ताओं को होगा, जिनके पास स्वयं की छत उपलब्ध नहीं है। ऐसे उपभोक्ता भी अब वर्चुअल नेट मीटरिंग तथा ग्रुप नेटरिंग मीटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद अब सौर ऊर्जा से जुड़ पाएंगे। छत की उपलब्धता नहीं होने के कारण वे अब तक व्यक्तिगत रूप से सोलर नहीं लगा पाते थे।
इसके अन्तर्गत 10 किलोवाट तक की घरेलू सोलर परियोजनाओं को बिना तकनीकी अध्ययन के स्वीकृत माना जाएगा। वहीं इससे अधिक विद्युत भार वाली सोलर परियोजनाओं के लिए तकनीकी अध्ययन की समय सीमा मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन और नए कनेक्शनों के लिए 30 दिन रखी गई है। यह सोलर संयंत्र रूफ टॉप अब बालकनी एवं अन्य स्थान पर उपलब्ध भूमि, सार्वजनिक भूमि, जलाशयों आदि स्थानों पर लगाए जा सकेंगे। इसके माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को व्हीलिंग चार्ज, बैंकिंग चार्ज और क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज से पूरी छूट दी गई है।
क्या है वर्चुअल नेट मीटरिंग
वर्चुअल नेट मीटरिंग ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक स्थान पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न होने वाली बिजली को उसी डिस्कॉम क्षेत्र में आने वाले कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित किया जाता है। उदाहरण के लिए,किसी अपार्टमेंट, कॉलोनी या संस्थान के पास स्वयं की छत नहीं है अथवा सीमित स्थान है तो वे किसी अन्य स्थान पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर वहां से उत्पन्न बिजली का लाभ अपने.अपने मीटरों में प्राप्त कर सकते हैं।
ग्रुप नेट मीटरिंग
यह ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक उपभोक्ता एक स्थान पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाता है तो उससे उत्पन्न बिजली को उसी डिस्कॉम क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले उसके अन्य कनेक्शनों में समायोजित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी उपभोक्ता के पास घर, दुकान, ऑफिस अथवा अन्य कोई संस्थान है तो वह एक स्थान पर सोलर संयंत्र लगाकर वहां से उत्पन्न बिजली का उपभोग अपने अन्य स्थानों के विद्युत कनेक्शन पर भी कर सकता है। इसका सर्वाधिक लाभ ऐसे उपभोक्ताओं को होगा, जिनके कई संस्थान हैं और वहां उनके अलग-अलग बिजली कनेक्शन हैं। जैसे-स्कूल, अस्पताल, चैरिटेबल संस्थान आदि।
वेबसाइट पर आर्डर पब्लिश नहीं
शाम सात बजे तक डिस्कॉम की वेबसाइट पर आर्डर पब्लिश नहीं किया गया था। दरअसल जब तक डिस्कॉम आर्डर पब्लिश नहीं करेगा तब तक संबंधित सहायक अभियंता इसके आवेदन नहीं लेंगे।
