जयपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने निर्देश दिए हैं कि आमजन को रियायती दरों पर दवा की उपलब्धता के लिए सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र तथा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र व अमृत फार्मेसी स्थापित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, नकली दवाओं एवं दवाओं के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी रूप से रोकथाम की जाए। ब्लड बैंकों का नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाए।
नड्डा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित केंद्र प्रवर्तित योजनाओं एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। नड्डा ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन एवं गांवक—ढाणी तक स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम पहुंच के लिए राजस्थान सरकार के प्रयासों को सराहा। उन्होंने विभिन्न नवाचारों के माध्यम से स्वास्थ्य मानकों को बेहतर करने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी प्रशंसा की।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने राजस्थान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, टीबीमुक्त भारत अभियान,नि:शुल्क दवा एवं जांच सेवाएं, मानव संसाधन, औषधि नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक-निजी सहभागिता जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और इन कार्यक्रमों में राजस्थान द्वारा किए गए बेहतरीन प्रयासों को सराहा।
नि:शुल्क दवा योजना में इस वित्तीय वर्ष में 14 करोड़ को लाभ
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राजस्थान में नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना का भी बेहतरीन संचालन किया जा रहा है। केंद्र सरकार के हब एण्ड स्पॉक मॉडल को लागू करते हुए प्रदेश में जांच सेवाओं का विस्तार किया गया है। इससे बड़े शहरों से लेकर गांव-कस्बों तक जांचों की संख्या बढ़ी है। साथ ही, नि:शुल्क दवा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 नवीन दवा वितरण केंद्रों की स्वीकृति जारी की गई है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में नवम्बर माह तक करीब 14 करोड़ रोगियों को लाभान्वित किया गया है।
सस्ती दवा के लिए पहल: अब हर जिला अस्पताल में खुलेंगे पीएम जन औषधि केन्द्र
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को सराहा
