कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
-कंडम वाहनों के लिए आई स्क्रैपिंग नीति
-एआई के क्षेत्र में निवेश एवं नवाचार का केन्द्र बनेगा राजस्थान
जयपुर(मॉर्निंग न्यूज)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सीएमओ हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में पर्यावरण सुरक्षा, हरित एवं टिकाऊ विकास को प्रोत्साहन देने, गवर्नेन्स, उद्योग, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के उत्तरदायी, नैतिक एवं सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों को मंजूरी दी गई। रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र से कराना तय हुआ है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 के तहत अयोग्य एवं प्रदूषणकारी वाहनों को हटाया जाएगा। नीति के तहत राज्य में रजिस्टर्ड व्हीकल स्र्केपिंग फैसिलिटीज (आरवीएसएफ) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।
15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस/पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त, क्षतिग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन, अनुपयोगी वाहन या स्वेच्छा से आरवीएसएफ को दिए गए वाहन इस नीति के अंतर्गत स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (सीवीएस) जारी किए जाएंगे। सीओडी के आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट का लाभ भी मिल सकेगा।
राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी- 2026 का अनुमोदन
डॉ. बैरवा ने बताया कि कैबिनेट द्वारा अनुमोदित राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के उत्तरदायी, नैतिक एवं सुरक्षित उपयोग से सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाना, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि करना तथा नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। नीति में एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग एवं समाधान हेतु स्पष्ट प्रक्रियाओं का प्रावधान भी किया गया है। नीति के अन्तर्गत प्रदेश में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करना भी शामिल है।
ग्रीन क्रेडिट्स से सर्कुलर इकोनॉमी को मिलेगा प्रोत्साहन
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 योजना को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। इसमें उद्यमों एवं शहरी स्थानीय निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण एवं प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों, सस्टेनेबल बिल्डिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस योजना में पात्र निवेशकों को रिप्स-2024 के अंतर्गत मिलने वाले ग्रीन इंसेंटिव्स के अतिरिक्त उनके पर्यावरण संबंधित योगदान के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे। ये ग्रीन वाउचर 1 करोड़ रुपए तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपए) तक मूल्य के होंगे।
पूरी होने की रिफाइनरी
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना पूर्णता की ओर है। रिफाइनरी की अनुमानित प्रारम्भिक लागत 43 हजार 129 करोड़ रुपए थी और कार्य 31 अक्टूबर, 2022 तक पूरा किया जाना था। पिछली सरकार के समय में 2 जून, 2023 को परियोजना की लागत बढ़ कर 72 हजार 937 करोड़ रुपए हो गई। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लि. द्वारा राज्य सरकार को 24 जुलाई 2025 को रिफानरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव का मूल्यांकन भारत सरकार के उपक्रम मेकॉन लिमिटेड द्वारा करवाया। अब राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 6 हजार 522 करोड़ बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए है।
सेवा नियमों को मंजूरी
राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025 के प्रारूप को भी मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई। नवीन सेवा नियमों के लागू होने से राजस्व लेखा संवर्ग के तहसील राजस्व लेखाकार के पद पर भर्ती होने वाले कार्मिकों को पदोन्नति के समुचित अवसर अनुभव एवं पात्रता अनुसार क्रमबद्ध रूप से प्राप्त हो सकेंगे। राजस्थान विधानसभा सचिवालय में मार्शल, अतिरिक्त मार्शल एवं उप मार्शल के पदों को अब राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त सैन्य एवं अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण अथवा विशेष चयन के माध्यम से भी भरा जा सकेगा। इसके लिए राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन की कैबिनेट में स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य विशेष शाखा (स्पेशल सिक्योरिटी विंग) में पदस्थापित कार्मिकों को 25 प्रतिशत विशेष भत्ता मिलेगा।इसके लिए राजस्थान सिविल सेवा (राज्य विशेष शाखा में व्यक्तियों की नियुक्ति के लिए विशेष चयन एवं सेवा की विशेष शर्तें) नियम, 2012 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई है। संशोधित दर को 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा।
