जयपुर। Kartarpur Sahib पाकिस्तान में स्थित है जो भारतीय सीमा से सिर्फ 4.7 किमी दूर है। हाल ही में खबर आई है कि पाकिस्तान में सिख अल्पसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके मुताबिक सिख समुदाय के लोग इस घटना को लेकर पाकिस्तान की सरकार से सख्त एक्शन लेने की मांग की जा रही है। यहां शराब नाच गाना और शराब पार्टी करने का मामला सामने आया है।
- Kartarpur Sahib स्थापना कब हुई थी
- भारत से Kartarpur Sahib कैसे जा सकते हैं
- करतारपुर साहिब जाने के लिए जरूरी है पासपोर्ट
- इसलिए प्रसिद्ध हैं करतारपुर साहिब
- गुरुद्वारे में किसकी पूजा की जाती है
- ये है पाकिस्तान में सबसे बड़ा गुरुद्वारा
- ये है सबसे पवित्र गुरुद्वारा
- भारत में कितने सारे गुरुद्वारे
- ये है दुनिया का सबसे अमीर गुरुद्वारा
Kartarpur Sahib स्थापना कब हुई थी
आपको बता दें कि करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है, जिसकी स्थापना 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने की थी। गुरू नानक ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष यही थे।
भारत से Kartarpur Sahib कैसे जा सकते हैं
भारतीय तीर्थयात्रियों सहित भारत के प्रवासी नागरिक कार्डधारकों को साल भर दैनिक आधार पर भारत से पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर तक बिना वीजा के यात्रा करते हुए हैं।
करतारपुर साहिब जाने के लिए जरूरी है पासपोर्ट
आपको बता दें कि Kartarpur Sahib यात्रा के दौरान भारतीय तीर्थयात्रियों को वैध भारतीय पासपोर्ट के साथ ईटीए का प्रिंटआउट अपने साथ रखना होता है। भारतीय मूल के लोगों को ईटीए के साथ भारत का विदेशी नागरिक कार्ड और अपने देश का पासपोर्ट ले जाना होता है।
इसलिए प्रसिद्ध हैं करतारपुर साहिब
आपको बता दें कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को गुरुद्वारा दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है। यह सिखों का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के आखिरी साल बिताए थे। इस स्थान पर गुरु नानक जी ने 16 वर्षों तक अपना जीवन बिताया था।
गुरुद्वारे में किसकी पूजा की जाती है
गुरुद्वारे में किसी मूर्ती की पूजा नहीं जाती, बल्कि वहां गुरु ग्रन्थ साहब को माथा टेका जाता है। क्योंकि गुरू गोबिंद सिंह जी ने अपने जाने के बाद सिर्फ गुरू ग्रंथ साहिब को ही गुरू मानने का आदेश दिया था।
ये है पाकिस्तान में सबसे बड़ा गुरुद्वारा
ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान में स्थित सबसे बड़े गुरूद्वारे हैं। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान पंजाब प्रांत में ननकाना साहिब स्थित है।
ये है सबसे पवित्र गुरुद्वारा
भारत के पंजाब राज्य में स्थित अमृतसर में हरमंदिर साहिब, जिसे स्वर्ण मंदिर के रूप में जाना जाता है, उसें ही सिख धर्म का सबसे पवित्र गुरुद्वारा माना जाता है।
भारत में कितने सारे गुरुद्वारे
आपको बता दें कि भारत में लगभग 45000 गुरुद्वारे हैं। यह संख्या शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा प्रमाणित गुरुद्वारों की है। अकेले पंजाब में ही 30000 गुरुद्वारे हैं।
ये है दुनिया का सबसे अमीर गुरुद्वारा
अमेरिका के कैलिफोर्निया के सैन जोस स्थित गुरुद्वारा साहिब दुनिया का सबसे अमीर गुरूद्वारा माना जाता है।
