जयपुर। भारतीय सेना की दृढ़ता, अदम्य साहस और वीरता को आमजन तक और बेहतर तरीके से पहुंचाने के मकसद से आर्मी डे से पहले जयपुर में पहली बार अपनी सेना को जानो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। सीकर रोड पर भवानी निकेतन कॉलेज के ग्राउंड में गुरुवार से शुरू हुई यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी सेना की आधुनिक क्षमताओं और जांबाजी का जीवंत परिचय करा रही है। सेना दिवस पर नो योर आर्मी अभियान के तहत भारतीय सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और साउथ वेस्ट कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह इस मौके पर मौजूद रहे।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन के अनुसार इस प्रदर्शनी का मकसद आम नागरिकों को भारतीय सेना की क्षमताओं, आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा तकनीक और सैनिकों के पराक्रम से रूबरू कराना है।
प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों को आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया है। यहां बड़ी संख्या में लोग भारतीय सेना के शौर्य और तकनीकी क्षमता को करीब से देख रहे हैं. इन्हें देखकर लोग भारतीय सेना की ताकत और तकनीकी श्रेष्ठता को नजदीक से समझ पा रहे हैं। यहां आने वाले दर्शकों को सिर्फ हथियार ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, सेना की विविध गतिविधियों और मैदान-ए-जंग जैसी परिस्थितियों का सजीव अनुभव भी मिलेगा।
प्रदर्शनी में क्या देखने को मिलेगा
नो योर आर्मी प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग की गई अपग्रेडेड सिल्का स्वचालित एंटी एयरक्राफ्ट गन प्रमुख आकर्षण रही, जो एक मिनट में 34 राउंड फायर करने में सक्षम है। इसके साथ ही 23 मिमी ट्विन बैरल गन प्रणाली, ड्रोन किलर लो लेवल एयर डिफेंस एल-70 और बेसिक पायलटलेस टारगेट एयरक्राफ्ट, जो लगभग 100 किलोमीटर दूरी तक मारक क्षमता रखता है, को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा आधुनिक मिसाइल प्रणालियों में 25 किलोमीटर रेंज वाली आकाश मिसाइल, 450 किलोमीटर तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम को भी लोगों के सामने रखा गया है। इन हथियार प्रणालियों ने भारत की वायु रक्षा और सामरिक शक्ति को और अधिक मजबूत किया है।
तोपखाने और बख्तरबंद वाहन
भारतीय सेना के तोपखाने और बख्तरबंद वाहनों की झलक भी इस प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है। अल्ट्रा लाइट होवित्जर, धनुष तोप और पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, जो मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम है। टी-90 टैंक, एमबीटी अर्जुन मार्क-1, बीएमपी-2, अपग्रेडेड बीएमपी स्मोक लॉन्चर और के-9 वज्र सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्जल को भी प्रदर्शित किया गया है। सीबीआरएन ट्रैक एंड व्हीकल्स, संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम जैमर और व्हीकल बेस्ड ड्रोन जैमर सिस्टम भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। ये प्रणालियां रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों के साथ-साथ ड्रोन हमलों से निपटने में अहम भूमिका निभाती हैं।
