जयपुर। चूरू जिले से गुजर रहे राजगढ़-डूंगरगढ़ हाईवे की हालत खराब है। सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। रोड साइनेज नहीं लगे हैं। लोग परेशान है। फिर भी टोल वसूलने वाली फर्म निर्बाध टोल वसूली में जुटी है। ऐसे में चूरू के आरटीओ ऑफिस में तैनात परिवहन निरीक्षक रोबिन सिंह ने वो कर दिखाया, जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। उन्होंने टोल कंपनी का ही चालान कर दिया।
आमतौर पर हम देखते हैं कि आरटीओ अधिकारी ट्रक रोकते हैं, कागज चेक करते हैं, ओवरलोडिंग पर चालान करते हैं लेकिन इस बार चालान किसी वाहन का नहीं, बल्कि टोल वसूलने वाली कंपनी का हुआ है और ये अपने आप में बड़ी बात है। जिस कंपनी पर चालान हुआ है, उसका नाम राजेन्द्र सिंह भांभू इंफ्रां प्राइवेट लिमिटेड, वैशाली नगर जयपुर है। आरोप है कि कंपनी लगातार टोल वसूल रही है, लेकिन हाईवे का मेंटेनेंस सही तरीके से नहीं कर रही। सड़क पर जगह-जगह इंजीनियरिंग डिफेक्ट्स हैं, गड्ढे हैं, डिजाइन में खामियां हैं और इन्हीं वजहों से एक्सीडेंट हो रहे हैं। चालान में धोलिया टोल के ठेकेदार और राज्य सड़क विकास निगम को भी पार्टी बनाया गया है।
रोबिन सिंह ने मॉर्निंग न्यूज इंडिया से बातचीत में बताया कि जिस सड़क को उन्होंने चिह्नित किया है, वहां 2022 में एक बड़ा हादसा हुआ था। उस हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद सरकार ने उस जगह को ब्लैक स्पॉट घोषित किया था। यानी ऐसी जगह, जहां बार-बार हादसे होते हैं और जहां तुरंत सुधार की जरूरत होती है। रोबिन सिंह के मुताबिक ये हाईवे राजगढ़ से डूंगरगढ़ तक करीब 133 किलोमीटर लंबा है और इस पूरे रास्ते पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। ऐसे में सड़क बनाने और टोल वसूलने वाली कम्पनी की जिम्मेदारी है कि वह रोड के डिफेक्ट्स सुधारे। उन्होंने बताया कि ये हाईवे अब भी रोड डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में है।
क्या लिखा चालान में
चैकिंग मार्ग एसएच-06 राजगढ़-भालेरी पर राजगढ़ पुलिया के पास न तो सांकेतिक बोर्ड है और न ही रोड लाइन बनाई गई है। रात्रि रिफेलक्टर नहीं है। तारानगर तक बीच में आने वाले घुमाव पर दोनों और घनी झाडिय़ां है। गांव के नाम और रोड जंक्शन मार्किंग नहीं है। धोलिया टोल पर आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस, हाईड्रा व हाईवे पेट्रोलिंग नहीं है। सड़क बनाने वाली और मेंटीनेंस कम्पनियों को पाबंद किया जाता है कि उक्त रोड डिफेक्ट्स को सही करे। राजेन्द्र भांभू इंफ्रा, टोल कलेक्शन ठेकेदार केकेसी सीकर और राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम चूरू-बीकानेर रोड इन तीनों एजेंसियों को पाबंद किया जाता है कि सड़क सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप रिपोर्ट दें। परिवहन निरीक्षक रोबिन सिंह ने ये कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट 198(ए) और सीएमवीआर 166 के तहत की है।
खराब सड़क पर हो रही थी टोल वसूली, परिवहन निरीक्षक ने कर दिया टोल कम्पनी का चालान
मामला चूरू जिले के राजगढ़-डूंगरगढ़ हाइवे का
