जयपुर। विभागों में बकाया चल रहे विधानसभा के प्रश्नों के जवाब, ध्यानाकर्षण और विशेष उल्लेख के प्रस्तावों को लेकर शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष ने नौकरशाही के आलाधिकारियों को विधानसभा में बुलाकर चर्चा की साथ ही सख्त संदेश दिया कि 15 जनवरी तक तमाम जवाब विधानसभा सचिवालय को मिल जाने चाहिए। इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित सभी आलाधिकारी मौजूद रहे। देवनानी विभिन्न विभागों के अधिकारियों से पूछा कि जवाब समय पर क्यों नहीं आ रहे हैं।
चौथे सत्र के 2000 से अधिक जवाब बाकी
देवनानी ने बताया कि 16वीं विधानसभा के चौथे सत्र की समाप्ति के बाद अभी भी 35 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब आने बाकी हैं जिनकी संख्या करीब 2031 है। ऐसे में विभागों द्वारा समय पर प्रश्नों का उत्तर नहीं भिजवाया जाना चिन्ता का विषय है। अब किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जावेगी। देवनानी ने प्रश्नों के गलत जवाब देने के मामलों को भी गम्भीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए की भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रश्नकाल और चर्चा के दौरान वे पूरे समय विधानसभा की अधिकारी दीर्घा में ही उपस्थित रहें।
कैम्प लगाएं और निस्तारण करें
देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामलों में सभी विभागों को कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करना चाहिए। यदि इन मामलों के निस्तारण में कोई व्यावहारिक कठिनाई और कोई समस्या हो तो खुलकर बताएं। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशानुसार सभी विभागों के शिविर लगाकर विधानसभा के लम्बित प्रश्नों को निर्धारित समयावधि में निस्तारण करवाने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा।
